Google Custom Search


Custom Search

आज का विचार

आज का विचार (Thought of the Day in Hindi): (Subscribe by e-mail)

Last Modified: बुधवार, 20 जुलाई 2011

दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचेंगे ?

(Original Post : 'What Will Other People Think of You' November 14th, 2005 by Steve Pavlina)

दुनिया आपके बारे में क्या सोचती है इसकी चिंता करने में अपनी जिंदगी का एक भी पल बरबाद न करें | इससे किसी का भला नहीं होने वाला |

सच्चाई तो यह है कि यह सोचने में कि, दूसरे आपके बारे में क्या सोचेंगे आप कहीं ज्यादा ऊर्जा बर्बाद करेंगे, जितनी ऊर्जा वे स्वयं खर्च करेंगे | ज्यादातर लोग अपनी जिंदगी में ही इतने व्यस्त रहतें हैं कि उन्हें इतनी फुरसत ही नहीं कि वे यह ध्यान रखें कि आप क्या कर रहे हैं | वहीं दूसरी तरफ जब आप यह चिंता में घुल रहे हैं कि वे आपके बारे में क्या सोच रहें हैं, तो वे इस बात की चिंता कर रहे होंगे कि आप उनके बारे में क्या सोचते हैं |  चिंता में जिंदगी की बर्बादी....

बजाय इस बात की परवाह करने के कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं, इस बात कि परवाह कीजीए कि आप अपने बारे में क्या सोचते हैं | आपकी अपने बारे में राय कहीं ज्यादा मायने रखती है बजाय दूसरों की राय (आपके बारे में) के, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी नजर में दूसरे कितने समझदार, ज्ञानी या नेकनीयत हैं | 

इस बात को महसूस करें कि दूसरों की आपके बारे में राय उनकी अपनी हैं और इसका आपसे कोई लेना देना नहीं है | हकीकत यह है कि कोई भी दूसरा व्यक्ति, आप किस काबिल हैं यह सही-सही नहीं जानता | जब आप दूसरे क्या सोचेंगे यह उन पर ही छोड देते हैं तो आप खुद को समर्थ बना लेतें हैं |

इस बात से न डरें कि अगर आपने, दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं, इसकी परवाह नही की तो आप किसी किस्म के स्वार्थी या असामाजिक मुर्ख साबित हो जायेंगे | हालांकि दूसरे आप से कुछ दूरी रख कर मिलेंगे लेकिन आप उनके लिए, उनके खुद के डरों से पार पाने के लिए, एक प्रेरणा स्रोत का काम करेंगे |

जब कभी भी आप लकीर से हट कर कुछ नया दुस्साहसी कदम जैसेकि, नया व्यवसाय (Business) शुरू करना या किसी से रिश्ता कायम करना, उठाते हैं तो अपने आस-पास के लोगों की नकारात्मक प्रतिक्रिया से हैरान न हों | यह स्वाभाविक है | हो सकता है कि दूसरे लोग विस्तार से आपको यह बताने लगें कि क्यों आपका असफल होना तो लगभग तय है ? परन्तु इससे आपके मनोबल नहीं टूटना चाहिए | ज्यादातर बार उनके ऐसा कहने कि वजह उनका डर होता हैं न कि प्यार | डर की बात  पाबन्दी से शुरू होती है और प्यार की सम्भावना से |

चलिए मान लेते हैं कि दूसरे लोग शायद सहीं ही हों, तब क्या होगा ? क्या हो कि उनके आगाह करने पर भी आप आगे बढ़ें और बुरी तरह से असफल हों ? इससे कोई फर्क नहीं पड़ता | अगर वे सही हैं तो भी गलत ही हैं ? यह नियति है कि आप कोशिश करें और बार-बार असफल हों | आपके आस-पास के लोगों के लिए भी यह बिलकुल सही है कि वे आपको यह बताएं कि आप असफल होने जा रहे हैं और आपके लिए भी यह उचित है कि आप बाहर जायें और ठीक उनके सामने, असफल होकर, चारों-खाने चित हो जाएँ | यह होना तय है | आपके लिए असली सबक यह है कि आप इसकी आदत डाल लें | 

काफी बार ऐसा हुआ है कि लोगों ने मुझे कोई काम न करने से आगाह किया, लेकिन मैं फिर भी आगे बढा, उसी काम को किया और वैसे ही असफल हुआ जैसे कि उन लोगों ने अंदाजा लगाया था | तब भी, खुद के असफल होने पर, मैंने कई मूल्यवान अनुभव हासिल किये और मेरे आगे के प्रयत्न जो कि उन्हीं अनुभवों पर आधारित थे सफल रहे, और कई मामलों में तो उन्होंने कमाल ही कर दिया | वे सफलताएं मेरी जिंदगी में कभी भी नहीं आतीं अगर मैंने घर के बाहर कदम न रखा होता ?

सच्चाई तो यह है कि आप असफल होगे – और एक नहीं सैकड़ों बार | इसकी आदत डाल लें | असफलता से दोस्ती कर लें | वे असफलताएँ, सफलता के खिलाफ नहीं हैं बल्कि वे तो सफलता का अभिन्न अंग हैं | इस बात को समझिए कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है कि आप एक नया व्यवसाय (Business) शरू करें और अपनी नज़रों के सामने उसका दिवाला निकलते देखें | कुछ भी गलत नहीं है कि आप किसी से नया सम्बन्ध बनाएँ और अपनी नज़रों के सामने उसे टूटते देखें | और कुछ भी गलत नहीं है कि आप मंच पर भाषण देने के लियें जायें और लोग आपका मजाक उडाएं | 

यह नियति हैं कि आप असफल हों | इंसान अपनी असफलताओं से ही सीखता और आगे बढता है | खुद को इंसान ही बने रहने दें |

लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि, आपको अपने अंदर आत्मविश्वास, आत्मज्ञान, खुद पे भरोसा जैसे गुणों का विकास करने की जरूरत है | आपको सीखने की जरूरत है कि  आपकी वास्तविक क्षमताएं क्या हैं|  और यह सब आप सिर्फ बैठे रहने से तो नहीं जान सकते ! जब तक कोशिश न करें, आप किस काबिल हैं यह तो आप खुद भी नहीं जानते, तो दूसरे कैसे जान सकते हैं? सिर्फ इसलिए कि वे सही नज़र आते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि वे वास्तव में सही ही हों !

कई बार आपको महसूस होगा कि दूसरे लोग आपके बारे में वाकई में सही थे (परन्तु केवल थोड़े समय के लिए) | लेकिन कई बार आप पायेंगे कि वे पूरी तरह से गलत थे | इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दूसरे लोग आपकी क्षमताओं के बारे में क्या सोचते हैं ! फर्क इससे पड़ता है कि वाकई में आप क्या कर सकते हैं ? और यह जानने के लिए आपको बाहर निकलना होगा और कुछ जोखिम उठाने होंगे ! आपको कुछ ऐसी चीजों में हाथ आजमाना होगा जिनके बारे में आपको पक्का यकीन नहीं हैं कि आप सफल हों पाएंगे |

खुद पर भरोसा करना कहीं बड़ा तोहफा हैं कुछ उसके जो कि आप रास्ते में खो सकते हैं | दुनिया खत्म नहीं हो जाएगी अगर आप सारी सुख-सुविधा के साधन खो दें, एक बड़ी परियोजना को खटाई में डाल बैठें या खुद को एक मुर्ख साबित कर दें | आप हमेशा धूल झाड कर फिर से अपने काम में लग सकते हैं |

क्या आप अनुमान लगा सकतें हैं कि पिछले साल मेरे (Steve Pavlina के) लिए अपने दोस्तों से यह कहना कि “तुम्हें पता हैं कि... मैं अब अपना कंप्यूटर गेम्स (Computer Games) का बिजनेस बंद करके एक नया ‘पर्सनेल्टी डेवलपमेंट’ (व्यक्तित्व विकास) का बिजनेस शुरू करने जा रहा हूँ,  और यह बड़ा जबरदस्त रहेगा” कैसा रहा होगा ? क्या आप सोचते हैं कि सभी लोगों नें मुझे समर्थन दिया होगा और आगे बढ़ने के लिए मेरा होंसला बढ़ाया होगा ? दूर-दूर तक नहीं | काफी लोगों का ख्याल था कि मैं पागल हो गया हूँ | कुछ अभी भी यही सोचते हैं ! मुझे इससे कोई शिकायत नहीं है, और न ही यह किसी तरह से मेरे काम को प्रभावित करता है ! क्यों ? क्योंकि मैं खुद पर भरोसा करता हूँ | दूसरे लोग मेरी आत्मा में झांक कर यह नहीं देख सकते हैं कि मैं किस काबिल हूँ | जब वे मुझे यह बताते हैं कि मैं कोई काम नहीं कर सकता तो मुझे एक ऐसा व्यक्ति नज़र आता है जोकि बेहद डरा हुआ है और जिसे डर के दुष्चक्र से निकलने के लिए मदद की जरूरत है | 

अगर दूसरे लोग आपके ऊपर ‘असंभव’ और ‘उचित नहीं’ की बरसात कर रहे हों तो उनके ऊपर ध्यान न दें | उनके डर का आपसे कोई लेना देना नहीं है | खुद पर भरोसा रखिये | हो सकता है कि आप शरू में कुछ गलत निर्णय लें, लेकिन बाद में आप खुद को अपनी वर्तमान सीमाओं से बहुत आगे ले जा पाएंगे | और जब ऐसा होगा तो आपके खवाब हकीकत में बदलना शुरू हो जाएंगे !  

खुद पर भरोसा, सफलता का परिणाम नहीं है | वह तो इसका कारण है |

[यह article आपको कैसा लगा, कृपया comments के जरिए इस पर अपनी राय जाहिर करें, अगर आपके पास इस article से जुडी कोई जानकारी या सुझाव हो तो आप उसे 3kbiblog@gmail.com पर भेज कर हमारे साथ share कर सकते हैं | ]

नए लेख ई-मेल से प्राप्त करें : 

4 टिप्‍पणियां:

इस लेख पर अपनी राय जाहिर करने के लिए आपका धन्यवाद|