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आज का विचार

आज का विचार (Thought of the Day in Hindi): (Subscribe by e-mail)

Last Modified: बुधवार, 17 अगस्त 2011

आत्म-अनुशासन : स्वीकृति

(Original Post : Self-Discipline: Acceptance June 6th, 2005 by Steve Pavlina)    

स्वीकृति - आत्म-अनुशासन के पांच स्तंभों में से सबसे पहला स्तंभ है| स्वीकृति का मतलब है कि आप यथार्थ (reality) के वास्तविक रूप को समझें और जो आपने समझा है उसे जागृत अवस्था में स्वीकार करें|     

यह बहुत साधारण और जाहिर सी बात लगती हैं, लेकिन इसे अमल में लाना बहुत ही मुश्किल हैं| अगर आपको अपने जीवन के किसी क्षेत्र में बहुत दिक्कतें आ रहीं हैं तो इस बात की पूरी संभावना हैं कि समस्या की जड़ में सच्चाई को (उसके सही रूप में) स्वीकार न करना ही हो| 

स्वीकृति, आत्म-अनुशासन का एक स्तंभ हैं पर आखिर क्यों? आत्म-अनुशासन के संदर्भ (बारे) में लोग अगर कोई सबसे बुनियादी गलती करते हैं तो वह है वर्तमान परिस्थिति को उसके सही रूप में समझने और उसे स्वीकार करने में असफल रहना| क्या आपको, पिछले लेख (खुद को साधिए!) से, याद है कि आत्म-अनुशासन और वजन उठाने का तरीका(भार-प्रशिक्षण) कितना मिलता-जुलता है? अगर आपको भार-प्रशिक्षण (weight training) में सफल होना हैं तो सबसे पहला कदम यह पता लगाना होगा कि आप कितना वजन आप पहले ही उठा चुके हैं| अभी वर्तमान में आप कितने मजबूत हैं? जब तक आप यह पता नहीं लगा लेते कि आप अभी कहाँ पर खड़े हैं, तब तक आप एक सही(sensible) प्रशिक्षण योजना को नहीं अपना सकते|

Last Modified: शनिवार, 6 अगस्त 2011

खुद को साधिए !

(Original Post : Self-Discipline June 5th, 2005 by Steve Pavlina)
    
इस हफ्ते मैं (स्टीव पव्लिना) "खुद को साधिए” (आत्म-अनुशासन) विषय पर एक श्रंखला (सीरीज) लिख रहा हूँ| इस श्रंखला में, केन्द्र-बिंदु (फोकस), जिन्हें मैं - “आत्म-अनुशासन” के पांच स्तंभ कहता हूँ, पर रहेगा |

आत्म-अनुशासन के पांच स्तंभ

आत्म-अनुशासन के पांच स्तंभ हैं : स्वीकार करना, इच्छाशक्ति, कड़ी मेहनत, कर्मशीलता और धुन (द्रढता) |

इस सीरीज के हर भाग में, मैं इन स्तंभों में से किसी एक बारे में विस्तार से जिक्र करूँगा, यह आखिर क्यों  जरूरी है और कैसे इसका विकास किया जाए ? पर सबसे पहले क्यों न आत्म-अनुशासन पर एक सरसरी नजर डाल ली जाये ?

आत्म-अनुशासन क्या है ?

आत्म-अनुशासन एक योग्यता है अपनी भावनाओं से प्रभावित हुये बिना खुद से काम कराने की |