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आज का विचार

आज का विचार (Thought of the Day in Hindi): (Subscribe by e-mail)

Last Modified: शुक्रवार, 28 दिसंबर 2012

चेतना के स्तर

(Original Post : Levels of Consciousness, April 7th, 2005 by Steve Pavlina

डेविड आर. हव्किंस, अपनी किताब Power vs. Force, में मानव-चेतना के विभिन्न स्तरों के एक अनुक्रम(hierarchy) के बारे में बताते हैं| यह एक बड़ी ही रोचक मिसाल है| अगर आप इस किताब को पढ़ें तो आप बड़ी ही आसानी से यह पता कर सकते हैं कि अपनी वर्तमान जीवन अवस्था के मुताबिक़ आप, इस अनुक्रम में कहाँ पर स्थित है|

चेतना के स्तर, बढते हुए क्रम में इस प्रकार हैं : शर्मिंदगी(shame), ग्लानी(guilt), उदासीनता(apathy), शोक(grief), डर, इच्छा, क्रोध, अभिमान(pride), हिम्मत, निष्पक्षता(neutrality), तत्परता(willingness), स्वीकृति, विचार(reason), प्रेम, आनंद, शांति, ज्ञानोदय(enlightenment)|

हालांकि हम अलग-अलग समय पर विभिन्न स्तरों पर होते हैं, फिर भी आमतौर पर हमारे लिए एक प्रमुख ‘सामान्य’ स्तर होता है|  अगर आप इस ब्लॉग को पढ़ रहे हैं तो इस बात की संभावना अधिक है कि आप इस वक्त कम-से-कम हिम्मत के स्तर पर हैं क्योंकि अगर आप एक निम्न स्तर पर होते तो फिर आप सचेत होकर व्यक्तित्व विकास करने में शायद कोई रूची(interest) ही नहीं लेते|

मैं(स्टीव पव्लीना) बारी-बारी से इन स्तरों के बारे में आपसे बात करूँगा, ‘हिम्मत’ और ‘विचार’ के बीच के स्तरों पर खास ध्यान देते हुए, क्योंकि यही वह दायरा है जहां पर आप इस वक्त हो सकते हैं| स्तरों के नाम(labels) हव्किंस के हैं| हर स्तर का विवरण हव्किंस के विवरणों पर आधारित है, लेकिन इसमें मैंने अपने विचार भी शामिल किए हैं| हव्किंस इसका वर्णन लघुगुणक(logarithmic) scale के रूप में करते हैं, इसलिए उच्च स्तरों पर निम्न स्तरों के मुकाबले बहुत ही कम लोग होते हैं| एक स्तर से अगले उच्च स्तर पर जाने के नतीजतन(result) आपके जीवन में भारी बदलाव आते हैं|