Google Custom Search


Custom Search

आज का विचार

आज का विचार (Thought of the Day in Hindi): (Subscribe by e-mail)

Last Modified: सोमवार, 2 मार्च 2015

मेले में...

एक बार मेले में दूर के गावं में रहने वाली एक लडकी आई, जोकि बहुत ही खूबसूरत थी| उसका चेहरा गुलाबी था| उसकी जुल्फें रात की तरह काली थी, और एक दिलकश मुस्कान उसके होठों पर खिली रहती थी|

उस खूबसूरत अजनबी के आने की देर थी कि जवान लड़कों ने उसे ढूंढ लिया और उसके करीब आने की कोशिश करने लगे| एक उसके साथ dance करना चाहता था तो दूसरा उसके सम्मान में cake काटना चाहता था| वे सभी उसके गालों पर kiss करना चाहते थे| अब इसमें हर्ज ही क्या था, आखिर यह एक मेला ही तो था|

लेकिन लडकी इससे shocked हो गयी और चौक पडी, उसके मन में जवान लोगों को लेकर बुरे ख्याल आने लगे| उसने, उन्हें बुरा-भला कहा, और यहाँ तक कि एक-दो को तो उसने थप्पड़ भी लगा दिए| और फिर वह उनसे दूर भाग गई|


उस शाम को वापस घर लौटते समय, वह खुद से मन-ही-मन कह रही थी, “मैं तो तंग आ गई| ये आदमी कितने जंगली और असभ्य हैं| यह सब तो बर्दाश्त से बाहर है|”

एक साल यूं ही गुजर गया और इस दौरान उस बहुत ही खूबसूरत लडकी ने मेलों और आदमियों के बारे में काफी कुछ सोचा| फिर वह लडकी दुबारा मेले में आई, उसका चेहरा गुलाबी था| उसकी जुल्फें रात की तरह काली थी, और एक दिलकश मुस्कान उसके होठों पर खिली हुई थी|

लेकिन अब जवान लड़के उसे देखकर इधर-उधर हो गए| और पूरे दिन उससे कोई नहीं मिला और वह अकेली घूमती रही|

शाम को जब वह, अपने घर की ओर जाने वाली सड़क पर, चलती हुई जा रही थी तो वह अपने मन में कह रही थी, “मैं तो तंग आ गई| ये आदमी कितने जंगली और असभ्य हैं| यह सब तो बर्दाश्त से बाहर है|”

[यह article आपको कैसा लगा, कृपया comments के जरिए इस पर अपनी राय जाहिर करें]

नए लेख ई-मेल से प्राप्त करें : 


Some related links (कुछ सम्बंधित लिंक)

The Love Song
माफ़ करना बेटा !
आंसू और हंसी!
बाज और अबाबील(skylark)
Read More Stories in Hindi 

Buy आवारा by Khalil Gibran(in hindi)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

इस लेख पर अपनी राय जाहिर करने के लिए आपका धन्यवाद|